नहीं सम्भाल पाये टाटा ग्रुप को सायरस मिस्त्री-रतन टाटा की वापसी


टाटा ने बदला अपना इतिहास हटा दिया साइरस मिस्त्री
टाटा ग्रुप हिला साइरस मिस्त्री को हटाया 148 वर्ष की परम्परा धराशाही ।
देश का सबसे भरोसे मंद टाटा ग्रुप जिसकी मार्किट कैप 8.5 लाख करोड की है। आज उसकी परम्परा टूट गयी जो वर्षों से चली आ रही थी। हमारे देश में टाटा की परम्परा को बहुत ही इज़्ज़त की नजर से देखा जाता रहा है, आज टाटा की वही परम्परा धराशाही हो गयी चार साल पहले तीस साल के लिए चुने गए साइरस मिस्त्री को हटा दिया गया है एक सौ अड़तालीस वर्ष के इतिहासःमें ऐसा पहली बार हुआ है की टाटा ग्रुप ने अपने फैसले बदल दिए रतन टाटा का उत्तराधिकारी खरा ना उतरा कंपनी में शापूरजी पालोनजी का 18.5% हिस्सा है। मिस्त्री पालोनजी के बेटे हैं। कंपनी का सबसे ज्यादा 66% शेयर टाटा ट्रस्ट के पास है। 6 माह से रतन से मिस्त्री के मतभेद रहे हैं। सायरस बेच रहे थे घाटे वाली कंपनियां शायद ये भी एक रीज़न रहा होगा.
और रतन टाटा को फिर से अंतरिम कमान हाथ में लेनी पड़ी पुरे देश में एक टाटा घराना ही ऐसा रहा है जिसमे कभी कोई विवाद नहीं हुआ लेकिन आज इतिहास बदल गया टाटा ग्रुप की कॉर्पोरेट वर्ल्ड जो वैल्यूज हैं वह ऐसे ही नहीं बन गयी इसके लिए इस ग्रुप ने पुरे नियम कायदे कानून बना रखे हैं जिन्हें किसी कीमत पर नहीं तोडा गया ना समझौता किया टाटा ने वैल्यूज के लिए ही इतने लंबे समय से चली आ रही परम्परा को भी बदल डाला
रतनटाटा ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर साइरस को पद से हटाने की सूचना दी। हालांकि इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। मिस्त्री को पद से हटाने के पीछे परफॉर्मेंस और 6 महीने से रतन टाटा से चल रहे मतभेद बताए जा रहे हैं। टाटा ने कर्मचारियों को चिट्‌ठी लिखकर कहा कि समूह की स्थिरता के लिए उन्होंने फिर से पद संभाला है। #TATA GROUP

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