किन्नरों को मिला था भगवान का वरदान ,सच्चे मन से देते है दुआ तो हो जाती है नैया पार

किन्नरों को मिला था भगवान का वरदान , देते है दुआ तो हो जाती है नैया पार

किन्नरों को मिला था भगवान का वरदान ,सच्चे मन से देते है दुआ तो हो जाती है नैया पार

माना जाता है कि किन्नर वो होते है जो ना तो नर होते है और ना मादा, मतलब किन्नर वह मनुष्य जाति है

जो ना मेल है ना फीमेल | किन्नर जो भी किसी को सच्चे मन से बोल देते है

वो उनके साथ होता है ये शास्त्र भी मानते है

शास्त्रो के अनुसार ये लोग शत युग से है और जब भगवान ने नर और मादा को पूरी सुख और

सम्पत्ति दे दी तो किन्नरो के लिए भगवान के पास कुछ नहीं बचा |

तभी किन्नरो ने भगवान से कहा कि आप ने सब कुछ इन लोगो को दे दिया हमारे लिए कुछ नहीं रखा |

तभी किन्नरो कि बात सुन भगवान ने इनको वरदान दिया कि कलयुग में किन्नरो का राज होगा |

किन्नरों को मिला था भगवान का वरदान , देते है दुआ तो हो जाती है नैया पार

किन्नर के जन्म का रहस्य

हमारे समाज में किन्नरों को बुरी नजर से देखते हैं तो वहीं ये भी माना जाता हैं कि एक बार अगर इन लोगों की

दुआ किसी को लग जाए तो उसकी तक़दीर  निश्चित बदल जाती है। क्या आपको पता है

कि इन लोगों का जन्म क्यों होता है? शायद आपने नहीं सोचा होगा इसके पीछे भी एक बहुत बड़ा रहस्य है

आप सोचते होंगे कि ये ना नर है ना मादा और ना ही इन दोनों कि तरह दिखते है क्यों ऐसा होता है देखे आगे .

ज्योतिष शास्त्र में भी लिखा है किन्नर के किन्नर होने का कारण ,व्यक्ति की कुंडली भी यह बता सकती है कि

उसके नपुंसक होने का कारण क्या है और क्या हो सकता है

इसके अनुसार जन्मपत्री के आठवें गृह में शुक्र और शनि मौजूद हों और गुरू, चन्द्र नहीं हो तो

व्यक्ति नपुंसक हो सकता है। जन्म के समय कुंडली में शनि बारहवें या छठे गृह में, कुंभ या मीन राशि पर हों,

और ऐसे में कोई शुभ ग्रह शनि को नहीं दिख रहा हो तो व्यक्ति में प्रजनन क्षमता में कमी हो जाती है

और व्यक्ति किन्नर हो सकता है |

किन्नरों को मिला था भगवान का वरदान , देते है दुआ तो हो जाती है नैया पार

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